बकरा ईद क्यों मनाई जाती है/ Eid-al-ajha?

बकरा ईद क्यों मनाई जाती है/ Eid-al-ajha?

दोस्तो आज के हमारे इस आर्टिकल में बकरा ईद क्यों मनाई जाती है तथा बकरा ईद/Eid अल अजहा कहा जाता है ईद के दिन मनाई जाने वाली खुशियों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं आप हमारे इस आर्टिकल में बने रहे जैसे कि दोस्तों आप जानते होंगे जिसका मतलब कुर्बानी की ईद इस्लाम धर्म के विश्वास करने वाले लोग बनाते हैं ईद का त्यौहार रमजान के पवित्र महीने के 7o दिनों बाद बहुत खुशियों के साथ मनाया जाता है ईद के दिन इस्लामी मान्यताओं के अनुसार हजरत इब्राहिम ने अपने बेटे को कुर्बानी से मुक्त कर बकरे की कुर्बानी देने का निर्णय लिया तथा उसे जीवन दान प्राप्त किया ।

ईद अल अजहा की कहानी,

इस दिन को ईद/Eid ए अजहा व बकरा ईद कुर्बानी के नाम से भी जाना जाता है इस दिन बकरे की कुर्बानी दी जाती है तथा इस त्यौहार की शुरुआत हजरत इब्राहिम से हुई है इसके पीछे यह कहानी जुड़ी हुई है कि इस दिन मौलाना हजरत इब्राहिम से एक अलग तरह की कुर्बानी मांगी और उन्हें बिना सोचे समझे अपने बेटे की कुर्बानी देने को कहा गया जिससे उनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई तथा कुर्बानी देने पर उनके बेटे हटाकर बकरे की कुर्बानी दे दी गई जिससे इस त्यौहार को बकरा ईद के नाम से जाना जाता है

ईद पर क्या करते हैं मुस्लिम समुदाय के लोग,

ईद/Eid के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह उठकर मस्जिद में नमाज अदा करते हैं तथा उसके बाद सभी भाई एक दूसरे से गले मिलकर ईद की खुशियों को बांटते हैं तथा एक दूसरे के घर जाकर खुशियों को बांटते हैं तथा इसी दिन बकरे की कुर्बानी देकर एक दूसरे के घर भोजन अदा करते हैं तथा खुशियों को बांटकर और बढ़ा देते हैं मुस्लिम समुदाय के लोग ईद में सुबह ही नए कपड़े पहन कर एक दूसरे के घर जाकर ईद की बधाइयां देते हैं था अपने रिश्तेदारों को भी ईद के दिन अपने घर बुलाकर ईद की बधाई देते हैं और उनके घर जाते हैं जिससे ईद की खुशी दोगुनी हो जाती है ईद का त्यौहार भाईचारे का त्यौहार है इसमें खुशियों को बांटा जाता है तथा सबके मन में प्यार को बढ़ाया जाता है ईद का त्यौहार खुशी ब उल्लास का त्यौहार है

बकरा ईद का चांद 2022 में कब होगा,

अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से ईद का त्यौहार ईद अल अजहा से 10 दिन पूर्व पड़ता है तथा इसे बकरा ईद के रूप में मनाया जाता है भारत में बाहर के देशों में भी बकरा ईद का त्यौहार चांद के देखे जाने के बाद ही तय किया जाता है तथा इसे खुशी के साथ मनाया जाता है पूरे देश में बकरा ईद को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है तथा आपस में भाईचारे को बढ़ाया जाता है जिससे ईद की खुशियां और बढ़ जाती हैं तथा आम भाषा में बकरा ईद/Eid को ईद अल अजहा के नाम से भी जाना जाता है जिसे सामान्य भाषा में मुस्लिम समुदाय के लोग बकरा ईद के नाम से पुकारते हैं।

ईद दो प्रकार से मनाई जाती है

  • 1. ईद ऊल फितर / मीठी ईद
  • 2. ईद उल अजहा / बकरा ईद

यह दोनों त्योहार अलग अलग होकर भी सामाजिक रुप से एक जैसे होते हैं इन दोनों तोहारो के साथ बहुत सारे रोचक बातें जुड़ी हुई हैं यह बताने की कोशिश करेंगे कि जाने इन दोनों त्योहारों के बीच क्या अंतर है

कब मनाई जाती है ईद उल फितर, (मीठी ईद) ,

मीठी ईद के नाम से मशहूर ईद फितर को मनाया जाता है ईद/Eid का जशन पैगंबर मोहम्मद ने सर्वप्रथम ईद उल फितर के नाम से मनाया था अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से साल का नवा महीना रमजान के 29 दिन के लिए होता है तथा 30 वे दिन चांद/Chand देखने के पश्चात ईद का त्यौहार मनाया जाता है अगर चांद नहीं दिखा तो 30 वे दिन इसके जश्न का ऐलान किया जाता है 1 महीने का रोजा रखने के बाद ईद का त्यौहार मीठी चीजों जैसे कुंडे वह गुजिया अनेक प्रकार के सामाजिक पदार्थ बनाकर मीठी ईद के त्यौहार को मनाया जाता है तथा खुशियों को बांटा जाता है मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए मीठी ईद का त्यौहार बहुत खास होता है तथा इसे एक दूसरे के भाईचारे के लिए उसी का तो हार भी माना जाता है इस दिन मोहम्मद पैगंबर ने जीत हासिल कर उसकी खुशी में मिठाई बाटी तथा सबका मुंह मीठा कराया जिसकी खुशी में ईद/Eid उल फितर तोहार धूमधाम से मनाया जाता है इस्लाम में चैरिटी यानी दान ईद का एक महत्वपूर्ण पहलू है हर मुस्लिम भाई कपड़े के रूप में दान करने के लिए प्रोत्साहित रहता है तथा इसे हर मुसलमान का फर्ज कहा जाता है।

कब मनाई जाती है ईद अल अजहा,

ईद/Eid अल आधा के त्यौहार को कुर्बानी/Kurwani के नाम से जाना जाता है तथा इसे बकरा ईद का नाम भी दिया जाता है बकरा ईद कुर्बानी का त्यौहार है ईद के दिन सभी मुस्लिम भाई एक दूसरे से गले मिलकर ईद की खुशियां बांटते हैं तथा कुर्बानी देने के बाद सभी एक दूसरे के घर जाकर कुर्बानी की दावत अदा करते हैं जिससे मुस्लिम भाइयों को प्रेम बहुत बड़ता है और ईद की खुशियां दुगनी हो जाती हैं बकरा ईद का त्यौहार रमजान के आखरी दिन मनाया जाता है इस त्यौहार को कुर्बानी के लिए भी खास माना जाता है। पूरी दुनिया में मुसलमान इस महीने में सऊदी अरब के मक्का में ईद के दिन हज मनाते हैं तथा वास्तव में यह एक अंश की अदायगी और मुसलमान का दिन है ।

Read More…

Leave a Comment