फूड पॉइजनिंग क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और इलाज

food poisoning kya hota hai

दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि, फूड पॉइजनिंग कैसे होती है? (food poisoning kya hota hai) दूषित भोजन और जल से होने वाली बीमारी को फूड पॉइजनिंग कहते है। यदि भोजन पकाते समय साफ़-सफाई का ध्यान ना रखा जाए या फलो और सब्जियों को अच्छे से ना धोया जाए, तो फूड पॉइजनिंग की समस्या बढ़ जाती है। फूड पाइजनिंग दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन करने से होती है। कई बार हमारे गलत खान-पान की वजह से भी बहुत सी तरह की बीमारियाँ हो जाती है। खाने पीने में हमेशा सफाई का ध्यान रखना चाहिए। अगर खाने पीने में सफाई का ध्यान नहीं रखेंगे, तो आपको फूड पॉइजनिंग होने के साथ ही पेट से सम्बन्धित और भी तरह की बीमारियां हो सकती है।

संक्रामक जीव जैसे बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी आदि या उनके द्वारा दूषित किए गए भोजन का सेवन करना फूड पाइजनिंग का सबसे सामान्य कारण होता है। बहुत बार ऐसा भी होता है कि, आपको खाना बाहर खाना पड़ता है। थोड़ा बहुत भी दूषित भोजन खा लेने पर बहुत जल्दी फूड पॉइजनिंग की समस्या हो जाती है।

फूड पॉइजनिंग के अधिकांश मामले कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों में फूड पॉइजनिंग होने से रोकने की कोशिश करनी चाहिए। क्योंकि इससे इनको काफी नुक्सान पहुंच सकता है। ये एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज आप एक दो दिन में या फिर एक हफ्ते में खुद ही कर सकते हैं।

food poisoning kya hota hai

फूड पॉइजनिंग होने के लक्षण

1) सिर दर्द होने लगता है।

2) शरीर बहुत ज्यादा थका हुआ सा रहता है।

3) और कमजोरी महसूस होने लगता है।

4) पेट में तेज दर्द होने लगता है।

5) अपच की समस्या हो जाती है।

6) दस्त भी लग जाते है।

7) हर 15 से 20 मिनट के अंतराल में उल्टी होने लगती है।

फूड पॉइजनिंग होने के का

1) बासी खाना खाने से फूड पॉइजनिंग बहुत जल्दी होती है। इसलिए कोशिश करें कि, बासी खाना ना ही खाएं।

2) खाने को ढक के न रखने पर मक्खी के बैठने से भी हानिकारक जीवाणु खाने में पहुँच जाते है, जिससे भी फूड पॉइजनिंग हो जाती है।

3) फ़ूड पॉइजनिंग की समस्या हमारे गंदे हाथो से खाना खाने से भी हो सकती है।

4) अगर खाना बनाने में गंदे पानी का इस्तेमाल हुआ तो फ़ूड पॉइजनिंग हो सकती है।

फूड पॉइजनिंग होने पर अपनाएं घरेलू उपाय

पुदीने का इस्तेमाल करें

फूड पॉइजनिंग से पेट में जो ऐंठन हो जाती है वह पुदीने के द्वारा कम हो जाती है। आप चाय में इसकी बूंदे डालकर इसका सेवन कर सकते है।

नींबू का सेवन करें

नींबू में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते है। इसका सेवन करने पर फूड पॉइजनिंग के बैक्टीरिया नष्ट हो जाते है। खाली पेट भी इसका सेवन कर सकते है या गर्म पानी में नींबू मिलाकर पी सकते है।

लहसुन खाएं

लहसुन के अंदर एंटीफंगल गुण मौजूद होते है। सुबह खाली पेट लहसुन की कच्ची कली को पानी के साथ सेवन करने से भी आराम मिलता है।

जीरे का सेवन करें

एक चम्मच जीरे को भुन ले और इसका सेवन करे। इसका सेवन गर्म पानी के साथ भी किया जा सकता है।

दही का सेवन करें

दही एंटीबायोटिक होता है दही में आप थोड़ा सा काला नमक मिलाकर इसका सेवन करें।

तुलसी की पत्ती का प्रयोग करें

तुलसी की पत्ती का सेवन आप चाय में डालकर भी कर सकते है या तुलसी के पत्तों के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर भी ले सकते है।

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