अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन परिचय

biography of atal bihari vajpayee in hindi

अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन परिचय

पूरा नाम                                            अटल बिहारी वाजपेयी
जन्म स्थान                                         ग्वालियर, मध्य प्रदेश
जन्म                                                  25 दिसम्बर 1924
मृत्यु                                                  16 अगस्त 2018
माता का नाम                                    कृष्णा देवी
पिता का नाम                                    कृष्ण बिहारी वाजपेयी
राजनैतिक पार्टी                                 भारतीय जनता पार्टी (B.J.P.)
विवाह                                              अविवाहित रहे, लेकिन बीएन कौल की बेटियों नमिता और  नंदिता को गोद ले रखा था
देश के प्रधानमंत्री                             तीन बार भारत के प्रधान मंत्री चुने गए
राजनीती इस्तीफा                             2005 में अटल जी ने राजनीती से इस्तीफा दे दिया


अटल बिहारी वाजपेयी जी को अवार्ड द्वारा सम्मानित किया गया

1992                                      पद्मा विभूषण
1993                                      डॉक्टरेट इन लिटरेचर, कानपूर यूनिवर्सिटी
1994                                      लोकमान्य तिलक पुरस्कार
1994                                      बेस्ट संसद व्यक्ति का पुरस्कार
1994                                      भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त अवार्ड
2014                                      भारत रत्न
2015                                      लिबरेशन वॉर अवार्ड


मुख्य तथ्य

• जवाहर लाल नेहरू जी के बाद अगर कोई 3 बार प्रधानमंत्री बने है तो वो अटल जी हैं।

• अटल जी भारत की आजादी से पहले राजनीती में आ गए थे।

• उन्होंने गाँधी जी के साथ भारत छोड़ो आंदोलन में भी भाग लिया था।

• अटल जी पहले राजनेता थे, जिन्होंने UNITED NATIONS GENERAL ASSEMBLY में अपना भाषण हिंदी में दिया था।

• अटल जी राजनेता होने के साथ – साथ एक बहुत अच्छे कवि भी थे।

• जब 1947 में भारत देश आजाद हुआ, तब वें RSS के फुल टाइम प्रचारक बन गए।

• उनका जन्मदिन 25 दिसम्बर “गुड गवर्नेंस डे” के रूप में मनाया जाता है।

• 1980 में Lal Krishna Advani और BhaIron Singh Shekhawat ( जो कि अटल जी के लम्बे समय से मित्र रहे थे) के साथ मिलकर BHARATIYA JANTA PARTY की स्थापना की। इस तरह वें पार्टी के पहले अध्यक्ष नियुक्त किये गए।

• भारत-पाकिस्तान मित्रता के लिए ठोस प्रयास करने के साथ साथ उन्होंने 1999 में दिल्ली से लाहौर जाने वाली बस सेवा का शुभारंभ किया।


अटल जी का पूरा नाम अटल बिहारी वाजपेयी था। उनका जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में हुआ। उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी टीचर होने के साथ साथ एक कवि भी थे। शायद अपने पिता जी की वजह से ही अटल जी के अंदर भी कवितायें लिखने की रूचि आई।

अटल जी ने अपनी शुरूआती पढ़ाई ग्वालियर के सरस्वती शिशु मंदिर में की और ग्रेजुएशन के लिए उन्होंने महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में Admission ले लिया। उन्होंने कानपूर के DAV कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन किया।

अटल जी सच्चे देश भक्त थे, उन्होंने कभी भी शादी नहीं की। वे पढ़ाई करने के साथ साथ हिंदी न्यूज़ पेपर के एडिटर भी रहें। अटल जी शुरुआत से ही राजनीती में लगाव रखते थे, इसीलिए जब वे सिर्फ 15 साल के थे उन्होंने स्वयंसेवक संघ ( RSS) Join कर लिया था।

• 1942 में उनको QUIT INDIA MOVEMENT के दौरान arrest भी किया गया। इसी वहज से उन्हें 23 दिन जेल में भी बिताने पड़े थे।

• असल में अटल जी का राजनीती में आगमन हुआ 1944 से, जब उन्हें ग्वालियर में आर्य समाज का GENERAL SECRETARY नियुक्त किया गया। RSS के साथ तो वे पहले से ही जुड़े हुए थे। और इसी उम्र में उन्होंने यह DECIDE कर लिया कि वें देश के हित के लिए शादी नहीं करेंगे।

• जब 1947 में अपना देश आजाद हुआ, तब वें RSS के फुल टाइम प्रचारक बन गए। और फिर इसी साल उन आरएसएस(RSS) का प्रचारक बना कर उन्हें उत्तर प्रदेश भेज दिया गया। जहाँ पर उन्होंने कई सरे न्यूज़ पेपर्स के लिए लिखना भी शुरू कर दिया था। अब वें धीरे धीरे राजनीती कि ओर बढ़ने लगे थे।

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• 1957 में पहली बार वें BHARATIYA JANA SANGH पार्टी में रहते हुए दो अलग अलग जगहों से लोक सभा का चुनाव लड़े। जिसमें वें मथुरा से तो नहीं जीत सके, लेकिन बलरामपुर से जीतने में वें कामयाब रहें। उनके भाषण देने के तरीके को देखकर उस समय के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि, अटल बिहारी वाजपेयी जरूर ही किसी दिन भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे। ओर फिर दीन दयाल उपाध्याय की मृत्यु के बाद अटल जी BHARATIYA JANA SANGH पार्टी का मुख्य चेहरा बन चुके थे। इस पार्टी को आगे तक ले जाने के जिम्मेवारी भी अटल जी के कंधो पर ही थी।

• 1975 -1977 में emergency के दौरान उन्हें भी कई सारे नेताओं के साथ गिरफ्तार किया गया था। जब 1977 में दोबारा election हुए तब जनता दाल ने सरकार बनाई जिसमे मोरार जी देसाई देश के प्रधानमंत्री बने और अटल जी को विदेश मंत्री बनाया गया। अटल जी भारत के ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने UNITED NATIONS GENERAL ASSEMBLY में अपना भाषण हिंदी में दिया था।

• 1979 में जनता दाल कि सरकार गिर गई। हलाकि उस समय तक अटल जी अपने आप को सम्माननीय राजनेता के तोर पर स्थापित कर चुके थे।

• 1980 में Lal Krishna Advani और Bhairon Singh Shekhawat ( जो कि अटल जी के लम्बे समय से मित्र रहे थे) के साथ मिलकर BHARATIYA JANTA PARTY की स्थापना की। इस तरह वें पार्टी के पहले अध्यक्ष नियुक्त किये गए।

• 1984 में BHARATIYA JANTA PARTY को सिर्फ दो सीट ही हासिल हुई। एक अटल जी को और दूसरी लाल कृष्ण आड़वाणी को। लेकिन इस हार से अटल जी को कोई खास फर्क नहीं पड़ा।

• 1996 में अटल जी की पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। और वे पहली बार 16 मई 1996 को देश के पहले प्रधानमंत्री बने। क्योंकि यह सरकार गठबंधन की सरकार थी, इसीलिए ज्यादा नहीं चल सकी और 13 दिन बाद ही अटल जी ने इस्तीफा देकर सरकार को गिरा दिया।

• 1998 में दोबारा चुनाव हुए और BJP ने NDA के साथ मिलकर सरकार बनाई। लेकिन यह सरकार भी सिर्फ 13 महीनों में ही गिर गई। सरकार गिरने एक कुछ दिनों के बाद ही दोबारा चुनाव करवाए गए थे, जिसमें बीजेपी के NDA वाले गठबंधन को 303 सीट मिली।

• इस तरह से 13 अक्टूबर1999 को तीसरी बार अटल जी ने प्रधानमंत्री की शपथ ली। उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत से अच्छे काम किए, जिससे भारत की economy भी आगे बढ़ी।

• लेकिन 2004 के चुनाव हारने के बाद से, उन्होंने अपनी उम्र को देखते हुए राजनीती से सन्याश ले लिया। देश के हित में काम करने के वहज से ही उन्हें भारत रत्न से सम्मानित भी किया जा चूका था।

अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन

अटल जी लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। इसी वजह से उन्हें एम्स में 11 जून, 2018 को एडमिट कराया गया था। इनका निधन 16 अगस्‍त 2018 को शाम 5.05 बजे दिल्‍ली के एम्स में हो गया।

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