जानिए नवरात्रि का महत्व

importance of navratri in hindi

नवरात्रि कब है?

साल 2018 में नवरात्रि 10 अक्टूबर दिन बुधवार से 18 अक्टूबर दिन वीरवार तक है और 19 अक्टूबर को विजयादशमी है। इसी दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था। importance of navratri in hindi

नवरात्रि का महत्व importance of navratri in hindi

दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कि, नवरात्रि की शुरुआत कब से है और इसे मानाने का क्या महत्व है। नवरात्रि 9 दिनों का त्यौहार है। जिसमें 9 दिन देवी दुर्गा के अलग अलग रूपों की की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि का मतलब है; ‘नव’ का अर्थ है नौ दिन तथा ‘रात्रि’ अर्थ है रात।

नवरात्रि का उत्सव एक वर्ष में चार बार मनाया जाता है, परन्तु मुख्यतः दो बार मनाया जाता है। एक आश्विन मास के आरम्भ में और दूसरा चैत्र मास के आरम्भ में, आश्विन मास की नवरात्रि को ज्यादा महत्व दिया जाता है। यह उत्सव भारत के आलावा नेपाल में भी मनाया जाता है। आइये जानते है देवी दुर्गा के नौ अलग अलग स्‍वरूपों के महत्‍व के बारे में;

1. मां शैलपुत्री

नवरात्रि के पहले दिन माँ दुर्गा का प्रथम रूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इन्‍हे हिमालय पुत्री के नाम से भी जाना जाता है। शैलपुत्री की आराधना करने से समस्त आपदाओं से मुक्ति मिलती है। जहाँ  माँ शैलपुत्री का वास हों, वह स्थान आपदा, रोग और संक्रमण से सुरक्षित हो जाता है क्योंकि मां शैलपुत्री शक्ति का दूसरा स्‍वरूप होती है और भगवान शिव की अर्द्धांगनी कहलाती हैं।

2.  मां  ब्रह्मचारिणी

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शंकर को पति रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी, इस कारण इन्हें ब्रह्मचारिणी नाम से जाना जाता है और इसी कारण से ही मां ब्रह्मचारिणी माता पार्वती का ही स्‍वरूप हैं।

3.  मां चंद्रघंटा

नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है, जिस कारण से इनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। देवी चंद्रघंटा, बहादुरी और सौंदर्य का प्रतीक होती है।

4.  मां कूष्माण्डा

नवरात्रि का चौथे दिन मां दुर्गा के रूप मां कूष्माण्डा की पूजा की जाती है।  यह माना जाता है कि देवी कूष्माण्डा ने अपनी थोड़ी सी मुस्कान से ब्रह्मांड का निर्माण किया था और इसी कारण समस्‍त जगत उनकी आराधना करता है। मां कूष्माण्डा की आठ भुजाएँ होने के कारण इन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है।

5.  मां स्कंदमाता

नवरात्रि पूजन के पांचवे दिन देवी स्‍कंदमाता को पूजा जाता है। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से जाना जाता है। इनकी कृपा से मूर्ख भी ज्ञानी हो जाता है। माना यह जाता है कि, देवताओं की सेना की प्रमुख मां स्‍कंदमाता ही होती है।

6.  मां कात्यायिनी

नवरात्रि पूजन के छठें दिन मां कात्यायिनी की पूजा की जाती है। कात्यान ऋषि के घर जन्म लेने के कारण, मां के इस रूप को  कात्यायिनी कहा जाता है। मां के इस रूप की पूजा करने से किसी भी व्यक्ति के शत्रु का नाश हो जाता है।

7.  मां कालरात्रि

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है।  कालरात्रि का मतलब होता है – अंधेरी रात। इस दिन देवी अपने भक्‍तों को साहसी होने में मदद करती हैं। भयानक होते हुए भी मां का यह रूप अपने भक्तो के लिए शुभ है। इनकी उपासना से व्यक्ति के हर प्रकार के भय का नाश होता है।

8.  मां महागौरी

नवरात्रि पूजन के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है।  महिलाएं अपने सुहाग दीर्घायु होने की कामना के लिए मां को चुनरी भेंट करती है। मां महागौरी का रंग सफेद होने के कारण, उन पर सोने के गहने बहुत अच्छे लगते है।

9.  मां सिद्धिदात्री

नवरात्रि के नौवें दिन और अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। कहा जाता है कि, देवी सिद्धिरात्रि में 8 सिद्धियां होती है। भगवान शिव ने भी देवी सिद्धिदात्री की कृपा से सिद्धियां प्राप्त की थी। इनकी कृपा से ही महादेव का आधा शरीर देवी का हुआ था और वह अर्द्धनारीश्वर नाम से प्रसिद्ध हुए।

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